सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2021-22 की 6वीं सीरीज की बिक्री आज, यानी 30 अगस्त से शुरू होगी जो 3 सितंबर तक चलेगी। सरकार ने इसके लिए 4,732 रुपए प्रति ग्राम का भाव तय किया है। ऑनलाइन अप्लाई करने और डिजिटल पेमेंट करने पर प्रति ग्राम 50 रुपए का डिस्काउंट मिलेगा। यानी, आपको 10 ग्राम सोने के लिए 46,820 रुपए देने होंगे।

बीते 6 सालों में दिया 73% का रिटर्न

2015-16 में जब सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम को लॉन्च किया गया था, तब इसका प्रति ग्राम भाव 2,684 रुपए था। इस पर 50 रुपए का डिस्काउंट था। यानी, भाव 2,634 रुपए हो गया था। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की अभी जो सीरीज लॉन्च हुई है, उसका भाव 4,732 रुपए है। 50 रुपए डिस्काउंट के साथ यह भाव अब 4,682 रुपए पर आ गया है। इस तरह से पिछले 6 सालों में इस स्कीम से 73% का रिटर्न मिला है।

RBI जारी करता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एक सरकारी बॉन्ड होता है, जिसे RBI की तरफ से जारी किया जाता है। इसे डीमैट के रूप में परिवर्तित कराया जा सकता है। इसका मूल्य सोने के वजन में होता है। यदि बॉन्ड पांच ग्राम सोने का है, तो पांच ग्राम सोने की जितनी कीमत होगी, उतनी ही बॉन्ड की कीमत होगी। इसे खरीदने के लिए सेबी के अधिकृत ब्रोकर को इश्यू प्राइस का भुगतान करना होता है। बॉन्ड को बेचने के बाद पैसा निवेशक के खाते में जमा हो जाता है।

इश्यू प्राइस पर मिलता है 2.50% ब्याज

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में इश्यू प्राइस पर हर साल 2.50% का निश्चित ब्याज मिलता है। यह पैसा हर 6 महीने में आपके खाते में पहुंच जाता है। यानी 47,320 रुपए के निवेश पर हर साल 1,196 रुपए और 8 साल में कुल मिलाकर 10,464 रुपए ब्याज के तौर पर मिल जाएंगे। हालांकि, इस पर स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा।

अधिकतम 4 किलो सोने में कर सकते हैं निवेश

कोई शख्स एक वित्त वर्ष में कम से कम 1 ग्राम और अधिकतम 4 किलोग्राम तक वैल्यू का बॉन्ड खरीद सकता है। हालांकि, किसी ट्रस्ट के लिए खरीद की अधिकतम सीमा 20 किलो है।

8 साल रहता है इसका मैच्योरिटी पीरियड

बॉन्ड का मैच्योरिटी पीरियड 8 साल का है, लेकिन निवेशकों को 5 साल के बाद बाहर निकलने का मौका मिलता है। यानी, अगर आप पैसा निकालना चाहते हैं तो 5 साल के बाद निकाल सकते हैं। NSE के मुताबिक लोन लेने के दौरान कोलेटरल के रूप में भी इन सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा ये बॉन्ड NSE पर ट्रेड भी करते हैं।

शुद्धता और सुरक्षा की कोई चिंता नहीं

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में शुद्धता की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मुताबिक गोल्ड बॉन्ड की कीमत इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा प्रकाशित 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत से लिंक होती है। इसके साथ ही इसे डीमैट के रूप में रखा जा सकता है, जो काफी सुरक्षित है और उस पर कोई खर्च भी नहीं होता है।

इस पर कितना देना होता है टैक्स

सॉवरेन 8 साल के मैच्योरिटी पीरियड के बाद इससे होने वाले लाभ पर कोई टैक्स नहीं लगता। वहीं अगर आप 5 साल बाद अपना पैसा निकालते हैं, तो इससे होने वाले लाभ पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) के रूप में 20.80% टैक्स लगता है।

इसे खरीदना है आसान

  • गोल्ड बॉन्ड खरीदने के लिए आपको किसी ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है।
  • इसमें NSE पर उपलब्ध गोल्ड बॉन्ड के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी।
  • पहली सीरीज में निवेश करने पर आपके डीमैट अकाउंट में 25 मई को गोल्ड बॉन्ड डिपॉजिट हो जाएंगे।

ऑफलाइन भी कर सकते हैं निवेश

RBI ने इसमें निवेश के लिए कई तरह के विकल्प दिए हैं। बैंक की शाखाओं, पोस्ट ऑफिस, स्टॉक एक्सचेंज और स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) के जरिए इसमें निवेश किया जा सकता है। निवेशक को एक आवेदन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद आपके अकाउंट से पैसे कट जाएंगे और आपके डीमैट खाते में ये बॉन्ड ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। निवेश करने के लिए पैन होना अनिवार्य है।

यह बॉन्ड सभी बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (BSE) के माध्यम से बेचे जाएंगे।

इसमें निवेश करना कैसा रहेगा?

पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट और ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के संस्थापक व सीईओ पंकज मठपाल कहते हैं कि अगर आप गोल्ड में निवेश करना चाहते हैं तो ये सही समय हो सकता है, क्योंकि कोरोना महामारी के बीच आने वाले दिनों में ये अच्छा रिटर्न दे सकता है। उनके अनुसार बीते 10 सालों की बात करें तो सोने ने औसतन हर साल 10 से 11% रिटर्न दिया है। लंबे समय के लिए सोने में निवेश फायदेमंद रहेगा।