टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल 21 हजार करोड़ रुपए जुटाएगी। इसके लिए कंपनी राइट्स इश्यू लाएगी। रविवार को बोर्ड मीटिंग में इस योजना के लिए कंपनी को मंजूरी मिल गई। एयरटेल का शेयर आज 2% ऊपर 603 रुपए पर कारोबार कर रहा है।

एयरटेल दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है

ग्राहकों की संख्या के आधार पर एयरटेल देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। राइट्स इश्यू का मतलब वर्तमान निवेशकों को ही शेयर बेचकर पैसा जुटाने से है। इस पैसे से कंपनी अपने कैश रिजर्व को मजबूत करेगी। साथ ही कुछ देनदारी को भी इस पैसे से चुकाएगी। कंपनी कुछ पैसे नेटवर्क को बढ़ाने और 5G के एयरवेज की नीलामी और उसके रोल आउट पर भी खर्च करेगी।

हर 14 शेयर पर एक शेयर मिलेगा

राइट्स ऑफर के तहत शेयर धारकों को हर 14 शेयर पर एक शेयर मिलेगा। कंपनी इसे 535 रुपए पर देगी। आज के शेयर के भाव के हिसाब से यह 10% डिस्काउंट पर मिलेगा। फिलहाल इसके शेयर का भाव 603 रुपए है। पिछले एक महीने में कंपनी का शेयर अच्छा बढ़ा है। 16 अगस्त को यह शेयर 644 रुपए के अपने हाई पर पहुंच गया था।

शेयर को 675 से 730 रुपए के भाव पर खरीदने की सलाह

ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस ने इस शेयर को 675 से 730 रुपए तक के भाव पर खरीदने की सलाह दी है। एयरटेल ने कहा कि बोर्ड ने इंडस्ट्री के माहौल, बिजनेस माहौल, कंपनी की बिजनेस रणनीति की समीक्षा की। इसके बाद राइट्स इश्यू को मंजूरी दी है। एयरटेल के प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप भी इस राइट्स इश्यू में शेयर खरीद सकते हैं। वे अपने वर्तमान शेयरों के अनुपात में शेयर खरीद पाएंगे। साथ ही वे इश्यू में किसी अनसब्सक्राइब शेयर को भी खरीद सकते हैं।

प्रमोटर की हिस्सेदारी 56% है

कंपनी में प्रमोटर मित्तल फैमिली और सिंगापुर की सिंगटेल के पास 56% हिस्सेदारी है। मित्तल फैमिली के पास डायरेक्ट, इनडायरेक्ट 24.13% हिस्सा है। सिंगटेल के पास 31.72% हिस्सा है। बाकी शेयर आम जनता के पास है। निवेशकों को राइट्स इश्यू में एप्लिकेशन के समय 25% पैसा देने की जरूरत होगी। बाकी का पैसा चुकाने के लिए कंपनी बाद में समय तय करेगी। हालांकि बाकी पैसे को 36 महीने के अंदर ही चुकाना होगा।

एयरटेल का दूसरा सबसे बड़ा राइट्स इश्यू

एयरटेल का यह दूसरा सबसे बड़ा राइट्स इश्यू है। इससे पहले कंपनी ने मई 2019 में राइट्स इश्यू से 25 हजार करोड़ रुपए जुटाए थे। एयरटेल को अगले साल जून तक कुल 13 हजार करोड़ रुपए का पेमेंट चुकाना है। इसमें स्पेक्ट्रम और अन्य पेमेंट हैं। ज्यादातर पैसे की जरूरत कंपनी को अगले साल की शुरुआत में 5G की होने वाली नीलामी के लिए होगी। कंपनी पर जून के अंत तक कुल 1.6 लाख करोड़ रुपए का कर्ज था।

पैसे से बैलेंसशीट मजबूती होगी

इस राइट्स इश्यू से एयरटेल की बैलेंसशीट मजबूत होगी। इस फैसले से यह साफ है कि कंपनी के प्रमोटर इसकी ग्रोथ को लेकर आक्रामक हैं। साथ ही ज्यादा मार्केट शेयर पर फोकस कर रहे हैं। क्योंकि वोडाफोन लगातार अपना मार्केट शेयर गंवा रही है। पिछले कुछ सालों में एयरटेल ने अलग-अलग तरीके से 9.8 अरब डॉलर की रकम जुटाई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले साल राइट्स इश्यू से 53,125 करोड़ रुपए की रकम जुटाई थी। यह देश का सबसे बड़ा राइट्स इश्यू था।